नई दिल्ली/एजेंसी। नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) में योगदान करने वाले अब 3 साल के बाद ही जमा रकम का 25 प्रतिशत हिस्सा कुछ शर्तों के साथ निकाल सकते हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने आंशिक निकासी के नियमों में थोड़ी राहत दी है। एनपीएस सरकार का प्रमुख सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है। पहले 10 साल के योगदान के बाद ही आंशिक निकासी का नियम था।
पीएफआरडीए ने एक परिपत्र में कहा कि जिन एनपीएस अंशधारकों ने तीन साल तक योगदान दिया है, वे कुछ निर्धारित खर्चों के लिए कुल कोष से 25 प्रतिशत तक राशि निकाल सकते हैं। अंशधारकों को एनपीएस खाते से जिन निर्धारित मकसद के लिए धन निकालने की छूट होगी, उनमें बच्चों की उच्च शिक्षा और शादी शामिल है। मकान या फ्लैट खरीदने के लिए भी निकासी की अनुमति होगी।
सर्कुलर में कहा गया है कि अगर अंशधारक के पास पैतृक संपत्ति को छोड़कर व्यक्तिगत रूप से या संयुक्त नाम पर कोई रिहायशी मकान या फ्लैट है, तो निकासी की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा कैंसर, किडनी की खराबी तथा हृदय रोग जैसी बीमारियों के इलाज के लिए भी राशि निकाली जा सकती है।