पटना । डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि पूरे देश में 1 सितंबर, 2018 से शुरू हुए इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के जरिए अब बैंकिंग सुविधा आपके द्वार पर पहुंच गयी है। बिहार के सभी 38 जिलों व 190 एक्सेस प्वाइंट पर शुरू हो रहे बैंक की पहुंच अगले 4 महीने में 9000 जगहों पर हो जायेगी। 16 हजार डाक सेवक गांव-गांव जाकर लोगों को बैंकिंग सेवा प्रदान करेंगे। सुशील मोदी जीपीओ परिसर में आईपीपीबी के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
ग्रामीण डाक सेवकों का भत्ता 55 फीसदी बढ़ा : डिप्टी सीएम ने कहा कि भारत सरकार ने ग्रामीण डाक सेवकों के भत्ते में 55 फीसदी की वृद्धि की है। महिला डाक सेवकों को पूरे वेतन के साथ 180 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा। डाक सेवा को बैंकिंग में परिवर्तित कर उसे नया स्वरूप दिया गया है। डाकिया अब डाक के साथ गांव जाकर खाता खोलवायेंगे और पैसों का भुगतान करेंगे। भारत सरकार तकनीक विकास पर 1200 करोड़ खर्च कर रही है।
बिहारवासियों का बैंकों में 3.10 लाख करोड़ जमा : बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बैंकों की 3,588 शाखाएं हैं। इनमें अब इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की 9000 शाखाएं जुड़ जायेंगी। बिहारवासियों का बैंकों में 8.19 करोड़ खाता है और खातों में 3.10 लाख करोड़ रुपये जमा है। केन्द्र व राज्य सरकार की सभी योजनाओं का लाभ लाभुकों को बैंक खाते के जरिए दिया जा रहा है। इसमें इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक भी मददगार होगा।
केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक से देश की ग्रामीण जनता को अधिक लाभ होगा। इसके जरिये उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में सहूलियत होगी। पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने कहा कि अब ग्रामीण भी डिजिटल इंडिया में शामिल हो जाएंगे।
मौके पर महापौर सीता साहू, विधायक श्याम रजक, आशा सिन्हा व रणविजय सिंह भी मौजूद थे। चीफ पोस्टमास्टर जनरल, बिहार एमई हक, डाक निदेशक मनोज कुमार व आईपीपीबी के वरीय शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार मिश्रा ने भी अपने विचारों को रखा।