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कार और टू व्हीलर्स का थर्ड पार्टी बीमा 16 जून से महंगा 

नई दिल्ली । कार और दोपहिया वाहनों का थर्ड पार्टी बीमा 16 जून से महंगा हो जाएगा। बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने वाहनों की कुछ कटेगरी के लिए अनिवार्य थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में 21 प्रतिशत तक वृद्धि की है। 

क्या है थर्ड पार्टी बीमा : वाहनों के लिए थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य है। यह वाहन से किसी तीसरे पक्ष को हुए नुकसान की भरपाई करता है। कार ओनर के वाहन को हुई क्षति को यह कवर नहीं करता। इसके लिए अलग से बीमा लेना पड़ता है। 

सामान्य तौर पर बीमा प्रीमियम की दरों को एक अप्रैल से संशोधित किया जाता है, लेकिन 2019-20 के लिए नई दरें 16 जून से लागू होंगी।  

कार : 1,000 सीसी से कम क्षमता वाली छोटी कारों के थर्ड पार्टी प्रीमियम में 12 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। वर्तमान प्रीमियम 1,850 रुपये से बढ़कर 2,072 रुपये हो जाएगा। इसी तरह 1,000-1,500 सीसी के वाहनों का बीमा प्रीमियम 12.5 प्रतिशत बढ़कर 3,221 रुपये हो गया है। 1,500 सीसी से ऊपर की कारों के लिए प्रीमियम नहीं बढ़ाया गया है। यह 7,890 रुपये पर बरकरार है। नई कार लेने के समय न्यूनतम तीन साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है।  

दोपहिया वाहन : 75 सीसी से कम के दोपहिया वाहनों के लिये थर्ड पार्टी प्रीमियम 12.88 प्रतिशत बढ़कर 482 रुपये हो गया। इसी तरह 75 से 150 सीसी के वाहनों के लिए प्रीमियम 752 रुपये किया गया है। 150-350 सीसी क्षमता वाले वाहनों के लिए थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में सबसे ज्यादा वृद्धि की गई है। इस श्रेणी के दोपहिया वाहनों का प्रीमियम 985 रुपये से 21.11 प्रतिशत बढ़कर 1,193 रुपये हो जाएगा। नई बाइक के लिए न्यूनतम पांच साल का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य है।

सुपर बाइक (355 सीसी से ऊपर के दोपहिया वाहन) के प्रीमियम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

माल ढोने वाले निजी और सार्वजनिक वाहनों के लिए भी थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में वृद्धि की गई है। ई-रिक्शा की दरों में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। हालांकि स्कूल बसों के प्रीमियम में वृद्धि की गई है। 

लांग टर्म सिंगल प्रीमियम दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कारों के मामले में लांग टर्म प्रीमियम की अवधि तीन साल और दोपहिया वाहनों के लिए यह अवधि पांच साल है।
 


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