मुंबई। कार्वी के अध्यक्ष सी पार्थसारथी का कहना है कि सेबी ने हमें नये ग्राहक जोड़ने पर रोक का निर्देश दिया है। ट्रेडिंग पहले की तरह जारी है। हमारी सभी शाखाएं, ट्रेडिंग टर्मिनल, कार्वी ऑनलाइन काम रही हैं। सेबी की ओर से भेजे गये सभी नोटिस का जवाब हमें 21 दिनों के अंदर देना है।
मार्केट रेगुलेटर सेबी ने कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग लिमिटेड पर क्लाइंटस के शेयरों के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ब्रोकिंग फर्म पर 2000 करोड़ रुपये की गड़बड़ी के आरोप हैं। सेबी के अनुसार कार्वी ने क्लाइंट्स के खाते में रखे शेयर बेचकर पैसा अपनी ग्रुप कंपनी कार्वी रियल्टी में ट्रांसफर किये हैं। कार्वी रियल्टी को अप्रैल 2016 से दिसंबर 2019 के बीच 1,096 करोड़ रुपये ट्रांसफर किये गये हैं।
कार्वी पर ऑफ मार्केट ट्रांसफर में ग्राहकों के गिरवी शेयर बेचने के भी आरोप सामने आये हैं। सेबी ने एनएसडीएल, सीडीएसएल, बीएसई, एनएसई और एमसीएक्स को निर्देश दिया है कि वे कार्वी के कोई भी निर्देश न मानें और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करें।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का कहना है है कि कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग ने पावर ऑफ अटॉर्नी का गलत इस्तेमाल किया है। कार्वी ने अपने क्लाइंट की सिक्योरिटी अपनी सहायक कंपनियों की मदद से बेच दी है। इससे मिलने वाली राशि को कंपनी ने अपनी जरूरतों के लिए इस्तेमाल किया है।
सेबी ने कहा कि कार्वी स्टॉक ब्रोकिंग ने इस बात को छिपाने के लिए जनवरी 2019 से अगस्त 2019 के दौरान एनएसई को दिये गये सबमिशन में इसका कोई जिक्र नहीं किया है।