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बिहार से मात्र 583 व्यापारियों ने पेंशन के लिए कराया निबंधन

नई दिल्ली/एजेंसी । व्यापार और स्वरोजगार करने वालों के लिए राष्ट्रीय पेंशन योजना रफ्तार पकड़ने में विफल रही है। बिहार से अब तक सिर्फ 583 कारोबारियों ने योजना के लिए निबंधन कराया है। राष्ट्रीय स्तर पर भी मात्र 25000 निबंधन हुआ है।    

केंद्र सरकार ने मार्च 2020 तक इस योजना के तहत 50 लाख नामांकन का लक्ष्य रखा है।  सरकारी आंकड़ों के अनुसार सबसे अधिक 6765 निबंधन उत्तर प्रदेश से हुए हैं। बिहार से 583, दिल्ली से 84, केरल से 59, हिमाचल प्रदेश से 54, जम्मू-कश्मीर से 29 और गोवा से दो लोगों ने निबंधन कराया है। आंध्र प्रदेश से 4781, गुजरात से 2915, महाराष्ट्र से 632, राजस्थान से 549, तमिलनाडु से 309, मध्य प्रदेश से 305 और पश्चिम बंगाल से 234 पंजीकरण हुए हैं। 

क्या है राष्ट्रीय पेंशन योजना : राष्ट्रीय पेंशन योजना (प्रधानमंत्री लघु व्यापारी मान-धन योजना) एक स्वैच्छिक और अंशदान आधारित केंद्रीय योजना है। सरकार ने यह योजना 22 जुलाई, 2019 को शुरू की थी। योजना में 18 से 40 उम्र के कारोबारी शामिल हो सकते हैं। 60 साल के बाद मासिक 3000 रुपये पेंशन मिलेगी। योजना के तहत सरकार अंशधारकों के खातों में उनकी जमा राशि के बराबर योगदान देगी। 

कैट की प्रतिक्रिया : काॅन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महासचिव प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि योजना के तहत प्रवेश की आयु और प्रीमियम बढ़ाया जाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक व्यापारी योजना में शामिल हो सके। महासचिव ने कहा कि तीस साल तक प्रीमियम देने के बाद मासिक 3000 रुपये मिलेंगे, जिसकी  उस समय कोई कीमत नहीं होगी। 

सुझाव : कैट ने सरकार को व्यापारियों के लिये एक अलग कोष बनाने का सुझाव दिया है। कोई व्यापारी जीवन भर जितना कर सरकार को देता है उसमें से कुछ राशि से एक भविष्य निधि की तरह का कोष बनाया जाना चाहिए। इस कोष से व्यापारी को 60 साल की आयु के बाद पेंशन देने की व्यवस्था हो सकती है। 
 


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