नई दिल्ली/एजेंसी। कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) योजना के अंशधारक अपने खाते से तीन माह की सैलरी निकाल सकेंगे। श्रम मंत्रालय की जारी अधिसूचना में राशि की निकासी के लिए शर्त रखी गई है। शर्त में कहा गया है कि अंशधारक तीन महीने के मूल वेतन और महंगाई भत्ते के योग या खाते में जमा कुल राशि की तीन चौथाई में से जो भी कम हो, उतनी राशि निकाल सकेंगे। इस राशि को लौटाने की जरूरत नहीं होगी।
कोरोना वायरस की रोकथाम के लिये लॉकडाउन की वजह से लोगों को राहत देने को लेकर यह कदम उठाया गया है। इसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने पिछले सप्ताह विभिन्न क्षेत्रों के लिए 1.7 लाख करोड़ रुपये के प्रोत्साहन पैकेज के तहत की थी।
श्रम मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस को महामारी घोषित कर दिया गया है। ईपीएफ योजना के दायरे में आने वाले देश के कारखानों और विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारी इस राशि को निकालने के लिए पात्र हैं। इसके लिये ईपीएफ योजना, 1952 में संशोधन किया गया है। अधिसूचना 28 मार्च से प्रभावी है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों को सदस्यों से प्राप्त आवेदनों पर शीघ्र कदम उठाने का निर्देश दिया है। इससे संकट की घड़ी में अंशधारकों को मदद मिल सकेगी।