नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा योजना अटल पेंशन योजना (एपीवाई) ने पांच साल पूरे कर लिये हैं। योजना से अब तक 2.23 करोड़ लोग जुड़ चुके हैं। 9 मई, 2015 को योजना विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र के लोगों के लिए शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य 60 वर्ष की आयु के बाद न्यूनतम पेंशन की गारंटी देना है। योजना से जुड़े पुरुष और महिला का सदस्यता अनुपात 57:43 है।
एपीवाई को 18 से 40 वर्ष आयु का कोई भी भारतीय नागरिक ले सकता है। इसके लिए बैंक खाता होना जरूरी है। 60 वर्ष की आयु होने पर 1000 रुपये से लेकर 5000 रुपये तक की न्यूनतम पेंशन देने का प्रावधान है। ग्राहक की मृत्यु होने पर पति या पत्नी को आजीवन पेंशन देने की सुविधा है। दोनों ग्राहकों की मृत्यु की स्थिति में पेंशन की पूरी राशि नामित व्यक्ति को भुगतान कर दी जाती है।
अटल पेंशन योजना का प्रबंध पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) कर रहा है। अध्यक्ष सुप्रतिम बंदोपाध्याय ने कहा कि समाज के कमजोर वर्गों को पेंशन के दायरे में लाने के लिए बेहतरीन योजना है। यह असाधारण कार्य सार्वजनिक और निजी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, भुगतान बैंक, लघु वित्त बैंक, डाक विभाग और राज्य स्तर के बैंकरों की समितियों के अथक प्रयास से संभव हुआ है।