नई दिल्ली। फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड की बिक्री एक जुलाई, 2020 से जारी है। बांड की अवधि सात साल है । निवेश के लिए एसबीआई, राष्ट्रीयकृत बैंक, आईडीबीआई, ऐक्सिस, एचडीएफसी एवं आईसीआईसीआई बैंक से संपर्क कर सकते हैं। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यह 7.75 फीसदी वाली सेविंग बांड योजना की जगह लेगी। पुरानी स्कीम को 28 मई, 2020 से बंद कर दिया गया है।
फ्लोटिंग रेट सेविंग बांड योजना में ब्याज फिक्स नहीं है। हर छह महीने में ब्याज दर का निर्धारण होगा। पहली जनवरी 2021 को ब्याज का भुगतान 7.15 प्रतिशत की दर से होगा। निर्धारित अवधि तक ब्याज प्रत्येक साल एक जनवरी और एक जुलाई को मिलेगा। योजना में संचयी विकल्प (cumulative option) नहीं है। स्कीम सिर्फ व्यक्तिगत निवेशक एवं एचयूएफ के लिए है। नाॅमिनेशन की सुविधा भी उपलब्ध है।
बांड में न्यूनतम 1000 रुपये और उसके गुणक के आधार पर निवेश किया जा सकता है। इससे मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होगा । वरिष्ठ नागरिकों को उनकी उम्र के आधार पर समय से पहले मैच्युरिटी की सुविधा दी गई है। 80 साल से अधिक के बुजुर्ग चार साल के बाद, 70 से 80 उम्र वाले पांच साल एवं 60 से 70 साल के वरिष्ठ नागरिक छह साल के बाद भुगतान ले सकते हैं। निवेश पर लोन की सुविधा नहीं है।
7.75 फीसदी सेविंग बांड योजना से भी पहले आठ फीसदी ब्याज वाला बांड 2 जनवरी, 2018 को बंद हो गया। बांड 21 अप्रैल, 2003 को लांच हुआ था।