नई दिल्ली। ईपीएफओ ने पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाणपत्र (जेपीपी) जमा करने की समय सीमा 28 फरवरी 2021 तक बढ़ा दी है। वर्तमान में एक पेंशनभोगी हर वर्ष 30 नवंबर तक जेपीपी जमा कर सकता है। यह जारी होने की तारीख से एक वर्ष के लिए वैध होता है। कोविड-19 महामारी से बुजुर्ग आबादी की सुरक्षा के लिए यह व्यवस्था की गई है।
इस प्रयास से ईपीएफओ के 35 लाख पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। इस विस्तारित अवधि के दौरान ऐसे 35 लाख पेंशनभोगियों की पेंशन बंद नहीं की जाएगी जो नवंबर, 2020 के दौरान जेपीपी जमा नहीं कर सके हैं। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री संतोष गंगवार ने ईपीएफओ के प्रयासों की सराहना की है।
जेपीपी जमा करने के कई तरीके हैं। इनमें 3.65 लाख कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), पेंशन वितरण बैंकों की 1.36 लाख डाकघर शाखाएं, डाकिया और ग्रामीण डाक सेवकों का पोस्टल नेटवर्क शामिल है। इसका लाभ पेंशनभोगी उठा सकते हैं।
पेंशनभोगी निकटतम सीएससी (https://locator.csccloud.in/) का पता लगाने के लिए लिंक का उपयोग कर सकते हैं। अपने घर या अन्य जगहों पर जेपीपी जमा करने के लिए डाकघरों में ऑनलाइन अनुरोध करने के लिए लिंक (http://ccc.cept.gov.in/covid/request.aspx) पर जा सकते हैं।