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राहत : छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती का फैसला वापस 

नई दिल्ली। छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में बड़ी कटौती का फैसला केंद्र सरकार ने वापस ले लिया है। ब्याज दरों में 0.4 से लेकर 1.1 प्रतिशत की कटौती की गई थी। इसे एक अप्रैल, 2021 से लागू होना था। माना जा रहा है कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल एवं पुडुचेरी में चल रहे विधानसभा चुनावों में किसी नुकसान से बचने के लिए केंद्र सरकार ने ब्याज दरों में कटौती का निर्णय वापस लिया है। 
  
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार की सुबह ट्वीट कर कहा कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती के आदेश को वापस लिया जाएगा। बचत योजनाओं पर ब्याज दर वही रहेगी, जो 2020-2021 की अंतिम तिमाही में थी। पहले दिया गया आदेश वापस लिया जाएगा। इस तरह सुकन्या समृद्धि योजना, पीपीएफ, एनएससी एवं अन्य बचत योजनाओं पर पहले की तरह ब्याज मिलता रहेगा। 

वित्त मंत्रालय ने 31 मार्च, 2021 को नए वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की घोषणा की थी। ब्याज दरों में 1.1 प्रतिशत तक की भारी कटौती की गई थी। एनएससी पर ब्याज दर 6.8 से घटाकर 5.9, पीपीएफ पर 7.1 से 6.4 एवं सुकन्या समृद्धि योजना में 7.6 से 6.9 प्रतिशत की गई थी। 

इसी तरह सेविंग डिपाॅजिट पर ब्याज 4 प्रतिशत से घटाकर 3.5, सीनियर सिटीजन खाता पर 7.4 से 6.5, मंथली इनकम स्कीम पर 6.6 से 5.7, किसान विकास पत्र पर 6.9 से घटाकर 6.2 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया था। 

एक साल की जमा पर पहले मिल रहे ब्याज 5.5 को घटाकर 4.4 प्रतिशत, दो साल पर 5.5 से 5, तीन साल पर 5.5 से 5.1, पांच साल की जमा पर 6.7 से 5.8 एवं आरडी पर ब्याज दर 5.8 से घटाकर 5.3 प्रतिशत की गई थी।             


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