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बिहार जीएसटी संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित

बिहार माल और सेवा कर (जीएसटी) दूसरा संशोधन विधेयक विधानसभा में ध्वनिमत से पारित हो  गया। अब यह विधेयक विधान परिषद में पेश किया जायेगा।

डिप्टी सीएम सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि जीएसटी एक फेडरल टैक्स सिस्टम है। केंद्रीय जीएसटी एक्ट में किसी तरह के संशोधन के बाद बिहार जीएसटी एक्ट में भी संशोधन जरूरी है। इसलिए बिहार माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक 2024 तैयार किया गया है। 

विधेयक में जीएसटी अधिनियम की कई धाराओं में संशोधन के साथ कुछ नई धाराएं भी जोड़ी गई हैं।  

इनमें जीएसटी के शुरुआती वर्षों में इनपुट टैक्स क्रेडिट का दावा के लिए समय-सीमा को बढ़ाते हुए 30 नवंबर 2021 करना, कर का भुगतान नहीं करने अथवा कम करने की स्थिति में वसूली से छूट, वित्तीय वर्ष 2024-25 से आगे की अवधि के लिए कर निर्धारण के लिए नये सेक्शन का प्रावधान और जीएसटी ट्रिब्यूनल में अपील दायर करने के लिए प्रि-डिपोजिट की राशि में कमी शामिल है। 

विधेयक में जीएसटी के शुरुआती वर्षों के लिए करदाताओं को राहत देने के लिए एमनेस्टी स्कीम (माफी स्कीम) का भी प्रावधान है। इसमें कर राशि का पूरा भुगतान करने की स्थिति में ब्याज एवं पेनाल्टी से पूरी तरह से छूट देना प्रस्तावित है।
 


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